2024 സെപ്റ്റംബർ 3, ചൊവ്വാഴ്ച

चण्डीका स्तुती

देवी महात्म्य 
आपदिं किं करणीयं ?
स्मरणीयं पादं अंम्बिकां।
मूर्ति रहस्यमयं
ऋषि उवाच 
 शाकंभरी नीलवर्णा नीलोल्पलविलोचना
गंभीर नाभि: त्रिवलीविभूषिततनूदरी 12
सुकरक्कशसमोत्तुंगवृत्तपीनखनस्तनी 13
     मां शाकंभरी नील रंग में सुन्दर आंखों के, गहरी नाभी के कृश कमर से और बड़े स्तनोंके है। वह देवी अपने भक्तों को संभालने में अति इच्छा के है। वह देवी विद्रोहियों को भयंकर सजा देते हैं। 

2024 സെപ്റ്റംബർ 1, ഞായറാഴ്‌ച

चण्डीका स्तुती

देवी महात्म्य 
आपदिं किं करणीयं ?
स्मरणीयं पादं अंम्बिकां।
मूर्ति रहस्यमयं
ऋषि उवाच 
9 खड़गं पात्रं च मुसलं लाञ्गलं च बिभर्त्ति सा
आख्याता रक्त चामुण्डा देवी योगीश्वरीति च।
10 अनया व्याप्तमखिलं जगद् स्थावरं जंगमं 
इमां य: पूजयेद्भक्तया स व्याप्नोति चराचरं।
11 अथीते य इमंनित्यं रक्तदन्दिकावपु:स्तवं
तं सा परिचरेद् देवी पतिं प्रियमिवांगना।
     वह देवी, खड़ग, चषकं, मुसल, हल इत्यादि धारण किया हुऐ, रक्तचामुण्डा एवं योगेश्वरी नाम से प्रसिद्ध है। समस्त चराचर जगत देवी में व्याप्त है। इस देवी को पूजने वाले कीर्तिमान बनेंगे। 
   रक्तदन्दिका के इस स्वरूप को नित्य पाठ करने वाले को देवी, पति को पत्नी जैसे पालेंगी।
       मां कितने दयालु है, वह भक्तों को रक्षा करते हैं।

2024 ഓഗസ്റ്റ് 31, ശനിയാഴ്‌ച

चण्डीका स्तुती

देवी महात्म्य 
आपदिं किं करणीयं ?
स्मरणीयं पादं अंम्बिकां।
मूर्ति रहस्यमयं
ऋषि उवाच 
7 वसुथेव विशाला सा सुमेरुयुगलस्तनी
दीर्घौ लंबावतिस्थूलौ तावतीव मनोहरौ।
8 कर्कशावतिकान्तौ तौ सर्वानंद पयोधि।
      विश्व सम विशाल शरीर के देवी के स्थन मेरू पर्वत समान है। दीर्घ, लंबे, स्थूल, मनोहर, चुंबकीय, निति के अभीष्ट दाई स्तनों को महादेवी आपने भक्तों को पिलाकर कृपावति होती है। 
      हे मां, यहां के सज्जनों का पोषण करो और भारत देश को कीर्तिमान बना दे।

2024 ഓഗസ്റ്റ് 30, വെള്ളിയാഴ്‌ച

चण्डीका स्तुती

देवी महात्म्य 
आपदिं किं करणीयं ?
स्मरणीयं पादं अंम्बिकां।
मूर्ति रहस्यमयं
ऋषि उवाच 
5 रक्तांबरा रक्तवर्णा रक्तर्सर्वांञ्गभूषणा
रक्तायुधा रक्त्नेत्रा, रक्तंकेशातिभीषणा।
6 रक्ततीक्ष्णनखा रक्तदशना रक्तदन्दिका 
पातीं नारीवानुरक्ता देवी भक्तों भजेज्जनं।
     रक्त रंग के वस्त्र, शरीर, रक्त रंग में का सर्वाग भूषण, रक्त लगी आयुधों, रक्त नेत्र और रक्त पञिल केशभार भयभीत जनक है। भयंकर रक्त मग्न नखरों, परन्तु पार्वती जैसे पति परमेश्वर का हितैषी होता है वैसे मां रक्तदन्दिका अपने भक्तों के इच्छा पूरी करते हैं। 
     मां चण्डीके, हम, हमारे देश का रक्षा के संकल्प में हम आपको पूजता है। हमारे रक्षा करो मां।