2024 ഓഗസ്റ്റ് 31, ശനിയാഴ്‌ച

चण्डीका स्तुती

देवी महात्म्य 
आपदिं किं करणीयं ?
स्मरणीयं पादं अंम्बिकां।
मूर्ति रहस्यमयं
ऋषि उवाच 
7 वसुथेव विशाला सा सुमेरुयुगलस्तनी
दीर्घौ लंबावतिस्थूलौ तावतीव मनोहरौ।
8 कर्कशावतिकान्तौ तौ सर्वानंद पयोधि।
      विश्व सम विशाल शरीर के देवी के स्थन मेरू पर्वत समान है। दीर्घ, लंबे, स्थूल, मनोहर, चुंबकीय, निति के अभीष्ट दाई स्तनों को महादेवी आपने भक्तों को पिलाकर कृपावति होती है। 
      हे मां, यहां के सज्जनों का पोषण करो और भारत देश को कीर्तिमान बना दे।

2024 ഓഗസ്റ്റ് 30, വെള്ളിയാഴ്‌ച

चण्डीका स्तुती

देवी महात्म्य 
आपदिं किं करणीयं ?
स्मरणीयं पादं अंम्बिकां।
मूर्ति रहस्यमयं
ऋषि उवाच 
5 रक्तांबरा रक्तवर्णा रक्तर्सर्वांञ्गभूषणा
रक्तायुधा रक्त्नेत्रा, रक्तंकेशातिभीषणा।
6 रक्ततीक्ष्णनखा रक्तदशना रक्तदन्दिका 
पातीं नारीवानुरक्ता देवी भक्तों भजेज्जनं।
     रक्त रंग के वस्त्र, शरीर, रक्त रंग में का सर्वाग भूषण, रक्त लगी आयुधों, रक्त नेत्र और रक्त पञिल केशभार भयभीत जनक है। भयंकर रक्त मग्न नखरों, परन्तु पार्वती जैसे पति परमेश्वर का हितैषी होता है वैसे मां रक्तदन्दिका अपने भक्तों के इच्छा पूरी करते हैं। 
     मां चण्डीके, हम, हमारे देश का रक्षा के संकल्प में हम आपको पूजता है। हमारे रक्षा करो मां।